*सहारनपुर की बेटी प्राची चौधरी ने रचा इतिहास: एशियन गेम्स में स्वर्ण व रजत पदक जीतकर लौटीं, स्टेशन पर हुआ भव्य स्वागत*

सहारनपुर। जनपद की बेटी एवं अंतरराष्ट्रीय एथलीट प्राची चौधरी ने एक बार फिर पूरे जिले का नाम रोशन किया है। जापान के आइची-नागोया में आयोजित 2026 एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए प्राची ने भारत के लिए दो पदक (एक स्वर्ण और एक रजत) अपने नाम किए। दो पदक जीतकर आज वह सहारनपुर लौटीं, जहां रेलवे स्टेशन पर उनका भव्य स्वागत किया गया।
मेयर, विधायक व लोकदल महासचिव के नेतृत्व में हुआ स्वागत
रेलवे स्टेशन पर मेयर डा. अजय सिंह, भाजपा विधायक मुकेश चौधरी एवं राष्ट्रीय लोकदल के प्रांतीय महामंत्री चौधरी धीर सिंह के नेतृत्व में परिजनों और सैकड़ों प्रशंसकों ने ढोल-नगाड़ों और फूल-मालाओं के साथ प्राची का जोरदार स्वागत किया। परिवार के लोगों ने खुशी में प्राची को कंधों पर बैठाकर अपनी प्रसन्नता जाहिर की।
400 मीटर में रजत, रिले में स्वर्ण
प्राची चौधरी ने एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत के लिए दो पदक जीते। महिलाओं की 400 मीटर व्यक्तिगत दौड़ में प्राची ने 53.21 सेकंड का समय निकालकर रजत पदक हासिल किया। इसके बाद महिलाओं की 4×400 मीटर रिले में भारतीय टीम ने 3 मिनट 29.69 सेकंड के समय के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस टीम में प्राची चौधरी के साथ किरण पहल, एमआर पूवम्मा और विथ्या रामराज शामिल रहीं।
“भगवान की कृपा और सभी के आशीर्वाद से मिला गोल्ड”
गोल्ड मेडल जीतकर सहारनपुर पहुंचीं प्राची चौधरी ने कहा कि उन्हें बेहद खुशी हो रही है। उन्होंने बताया कि पिछली बार जब वह गई थीं, तब उन्होंने कहा था कि अगली बार एशियन गेम्स में जाकर गोल्ड मेडल लेकर लौटेंगी। उस समय उन्हें लोगों से खूब आशीर्वाद और मोटिवेशन मिला था। प्राची ने कहा कि भगवान की कृपा और सभी के आशीर्वाद से आज उनके पास गोल्ड मेडल है और वह इसके लिए सभी का धन्यवाद करती हैं।
DSP वर्दी पहनने की इच्छा
प्राची ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार की नीति के अनुसार स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को डीएसपी पद दिए जाने का प्रावधान है। इसलिए वह पहले से ही अपनी DSP वर्दी सिलवाकर गई थीं और अब लौटने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर वर्दी पहनने की इच्छा है।
अगला लक्ष्य ओलंपिक में पदक
प्राची चौधरी ने बताया कि उनका अगला लक्ष्य अगले वर्ष होने वाली वर्ल्ड ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करना और मेडल जीतना है।
रिपोर्टर::दीपक तिवारी
